They Live Movie In Hindi High Quality [ Trusted Source ]

जॉन कारपेंटर द्वारा निर्देशित 1988 की फिल्म "दे लिव" (They Live) सिर्फ एक विज्ञान-कथा हॉरर फिल्म नहीं है; यह पूंजीवाद, उपभोक्तावाद और मीडिया के हेरफेर पर एक तीखा व्यंग्य है। हालाँकि यह फिल्म अमेरिकी सपने के पतन पर केंद्रित है, लेकिन इसका संदेश आज के वैश्विक परिदृश्य, खासकर भारत में, अत्यधिक प्रासंगिक है। कहानी का सारांश फिल्म एक बेरोजगार मजदूर 'नाडा' (रॉडी पाइपर) की कहानी है, जो लॉस एंजिल्स की झुग्गियों में रहता है। एक दिन उसे एक गुप्त चर्च में विद्रोहियों का एक समूह मिलता है, जो 'विशेष धूप का चश्मा' वितरित कर रहा होता है। जैसे ही नाडा यह चश्मा पहनता है, उसे असली दुनिया दिखने लगती है। वह देखता है कि दुनिया पर असल में परपीड़क एलियंस (जो मानवीय चेहरे के पीछे छिपे कंकाल जैसे प्राणी हैं) का शासन है। ये एलियंस विशाल बिलबोर्ड और टीवी स्क्रीन के माध्यम से इंसानों को तानाशाही आदेश देते हैं, जैसे: "सो जाओ", "अधिक खरीदो", "अपनी बात मत करो", और "अधिकार का पालन करो"। प्रतीकवाद: चश्मा जो दिमाग खोल देता है फिल्म का सबसे शक्तिशाली प्रतीक वह चश्मा है। यह चश्मा "आलोचनात्मक सोच" या "मीडिया साक्षरता" का रूपक है। जब तक नाडा चश्मा नहीं पहनता, वह सब कुछ सामान्य देखता है—विज्ञापन, खूबसूरत मॉडल, और सरकारी संदेश। लेकिन चश्मा पहनते ही वह देखता है कि ये सब केवल धोखा है। विज्ञापन असल में आज्ञाएँ हैं, अमीर इलाके सामान्य दिखते हैं, लेकिन एलियंस के अड्डे हैं।