‘इन्सीडियस: चैप्टर 3’ सिर्फ एक भूतिया फिल्म नहीं है; यह एक ऐसी फिल्म है जो दर्शाती है कि बुरी आत्माएं अक्सर हमारी अपनी भावनाओं का ही प्रतिबिंब होती हैं। यह हमें सिखाती है कि सबसे बड़ा अंधेरा अकेलापन होता है, और सबसे ताकतवर हथियार साहस और अपनों के लिए प्यार है। अगर आप एक ऐसी डरावनी फिल्म देखना चाहते हैं जो देखने के बाद आपको सोचने पर मजबूर कर दे, तो यह फिल्म आपके लिए है। बस ध्यान रखें, अगर कोई आपको 'द फर्थर' में जाने के लिए बुलाए, तो मना कर देना – और हाँ, रात को अकेले में किसी मृत व्यक्ति को पुकारने की कोशिश मत कीजिए।
पिछली दो फिल्मों में एलिस एक सहायक किरदार थी, लेकिन इस फिल्म में वह केंद्र में आ जाती है। शुरुआत में, वह "द फर्थर" जाने से इनकार कर देती है क्योंकि उसके साथ बचपन में बहुत बुरा हुआ था। उसे एक ऐसे अत्याचारी पिता (या आत्मा) ने डराया था जो उसका पीछा नहीं छोड़ता था। फिल्म का क्लाइमेक्स सिर्फ क्विन को बचाने के बारे में नहीं है, बल्कि एलिस का अपने डर पर विजय पाने का साहसिक कार्य है। यही इसे एक प्रेरणादायक हॉरर फिल्म बनाता है। जब एलिस अंत में लंगड़े पिता (The Bride in Black) का सामना करती है और कहती है, "I’m not afraid of you," तो दर्शकों को सिहरन के साथ-साथ एक विजय का अहसास भी होता है। insidious 3 in hindi
यह कहानी क्विन ब्रेनर (Stefanie Scott निभाई) नाम की एक किशोरी पर केंद्रित है, जो अपनी माँ की मृत्यु के बाद अत्यधिक दुःखी है। उसकी आत्मा अकेलेपन में डूबी हुई है। अपनी मृत माँ से संपर्क करने की चाह में, वह एक अंधेरे माध्यम (द सीइंग) से संपर्क करती है, जिसे एलिस रेनियर (Lin Shaye) के नाम से जाना जाता है। एलिस चेतावनी देती है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। क्विन की कॉल का जवाब एक दुष्ट और शक्तिशाली आत्मा ने दिया, जो "द मैन हू कांट ब्रीथ" (The Man Who Can’t Breathe) के नाम से जानी जाती है। यह आत्मा क्विन का शिकार करना शुरू कर देती है, जिससे बचाने के लिए एलिस को अपने अतीत के डर से लड़ते हुए फिर से "द फर्थर" (दूसरा आयाम) में कदम रखना पड़ता है। "I’m not afraid of you
फिल्म के डराने का तरीका बहुत ही शानदार है। जोसेफ बिशरा का संगीत वायलिन के उन तीखे सुरों से फिर से दर्शकों की रूह कंपा देता है। 'द मैन हू कांट ब्रीथ' का डिज़ाइन याद रखने लायक है – एक काला, ऑक्सीजन मास्क पहने हु� प्रेत जो धीमी गति से हिलता है। खास बात यह है कि फिल्म में ज्यादा खून नहीं है, लेकिन माहौल इतना भयानक बना दिया जाता है कि एक साधारण सा सीन (जैसे खिड़की के बाहर कोई खड़ा होना) भी दिल की धड़कन बढ़ा देता है। insidious 3 in hindi
हॉरर फिल्मों की दुनिया में ‘इन्सीडियस’ (Insidious) सीरीज का अपना एक विशेष स्थान है। जहां अधिकतर फिल्में खून-खराबे और अचानक डराने वाले जंप स्केयर (Jump Scare) पर निर्भर करती हैं, वहीं ‘इन्सीडियस: चैप्टर 3’ (2015) एक अलग ही रास्ता चुनती है। यह फिल्म न सिर्फ एक प्रीक्वल (पहली दो फिल्मों से पहले की कहानी) है, बल्कि यह दर्शाती है कि असली डर अक्सर हमारे अपने दुखों और अकेलेपन से पैदा होता है।
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह पारंपरिक हॉरर फिल्मों की तरह नहीं है। आमतौर पर हॉरर फिल्मों में भूत बिना वजह परेशान करता है, लेकिन यहाँ भूत क्विन की कमजोरी का फायदा उठाता है। क्विन अपनी माँ के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकती। वह रात में अपने पिता से बात करने से बचती है और सोशल मीडिया पर अपनी माँ के मैसेज पढ़ती रहती है। यह भावनात्मक खालीपन ही दरार पैदा करता है जिससे होकर आत्मा प्रवेश करती है। निर्देशक ली व्हानेल (Leigh Whannell) ने यहाँ गहरा संदेश दिया है: